Govt. Sanskrit College, Dangar,Teh. Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.)
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नव आगन्तुकान् उत्पीडयन् विरुद्धं कोष्ठकम्


क्र. नाम पद
1डॉ. सन्नी कुमारप्रभारी
2डॉ. रोशन लालसदस्य
3डॉ. सुषमा कुमारीसदस्य

रैगिंग एक दंडनीय अपराध है


रैगिंग एक दंडनीय अपराध है। महाविद्यालय परिसर में सभी प्रकार की रैगिंग पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी को भी इस बुराई में पकड़े जाने पर कानून के तहत दंड दिया जाएगा। रैगिंग से संबंधित शिकायत या सुझाव कॉलेज अधिकारियों / एंटी-रैगिंग समिति के सदस्यों को दे सकते हैं। जो छात्र रैगिंग का अपराध करता है उसे एक अवधि के लिए कारावास के साथ दंडित किया जा सकता है। यह दंड तीन साल तक का भी हो सकता है। साथ ही वह जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा। जुर्माने की राशि रुपये 50,000 तक हो सकती है या दोनों भी हो सकते हैं।

शून्य सहनशीलता और शैक्षिक संस्थानों से रैगिंग का पूर्णतया उन्मूलन करने के लिए भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मई 2001 के अपने आदेशों के अनुसार 16 मई 2007 और 11 फरवरी 2009 को निर्देश दिए हैं कि संस्थान में रैगिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रैगिंग में शामिल कोई भी छात्र-छात्रा उचित रूप से दंडित करने के लिए उत्तरदायी है। उसे दंड स्वरूप कठोर, अनुकरणीय और न्यायसंगत सजा होगी। रैगिंग के लिए दंड में शामिल हैः—

  1. कैद या जुर्माना दोनों अथवा दोनों।
  2. संस्थान से निष्कासन, समिति अवधि के लिए संस्था या कक्षा से निलंबन या जनता के सामने माफी के साथ जुर्माना।
  3. छात्रवृत्ति या अन्य लाभों को रोकना। विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व से वंचित करना।
  4. परिणामों को रोकना।
  5. महाविद्यालय से निष्कासन।

निर्देशः—

प्रवेशार्थियों को सूचित किया जाता है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार www.antiragging.in पर ऑनलाइन शपथपत्र भरकर उसकी प्रति महाविद्यालय में जमा करवाना अनिवार्य है।