Govt. Sanskrit College, Dangar,Teh. Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.)
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प्राचार्य का अभिमत






शिक्षा क्षेत्र में प्रतिष्ठित यह राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सन् 1982 से अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बनाए हुए है। विद्याप्रेमी डॉ. दीनानाथ शर्मा द्वारा बिलासपुर जिले के डंगार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में इस संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना की गई। मानव जीवन को उन्नत बनाने वाले शास्त्रों के अध्ययन-अध्यापन में संलग्न इस संस्था के महत्त्व और उपयोगिता को देखते हुए हिमाचल सरकार ने इसे राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के रूप में अधिग्रहीत किया। छात्रों में उत्तम गुणों के विकास द्वारा यह संस्था पूरे राष्ट्र के नागरिकों के निर्माण में विविध आदर्श स्थापित करती है।

शिक्षा आध्यात्मिक, बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक विकास करती है। हमारे महाविद्यालय में छात्रों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला पूरे वर्ष चलती रहती है। छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल प्राप्त कर लाभान्वित होते हैं और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करते हैं। ज्ञान प्राप्ति के उपाय तपस्या के समान हैं। इसके लिए श्रद्धा और निष्ठा के साथ अनुशासन, जिज्ञासा, स्वाध्याय और प्रतिबद्धता आदि की परम आवश्यकता होती है। इन गुणों से युक्त छात्रगण बनें।
छात्र हित में सदैव तत्पर इस महाविद्यालय का योग्य, कर्मठ और अत्यंत अनुभवी आचार्य वर्ग विद्यमान है। इसीलिए हमारे छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं और परीक्षाओं में उच्च स्थान प्राप्त करते हैं। मुझे विश्वास है कि आप इस गरिमामयी परंपरा का आगे अनुसरण करेंगे। श्रद्धा और निष्ठापूर्वक आप शिक्षकों का आशीर्वाद रूपी मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

आप सभी अपना स्वर्णिम लक्ष्य प्राप्त करें – इसी उद्देश्य से महाविद्यालय सदैव कार्यरत रहेगा। अतः आप भी अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कटिबद्ध हों—

“उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।”

डॉ. सन्दीप शर्मा
प्राचार्य