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सामान्य नियम
- प्रत्येक विद्यार्थी महाविद्यालय परिसर से बाहर सद - सदाचरण के लिए स्वयं उत्तरदायी होगा।
- अशिष्ट व्यवहार के लिए स्पष्टीकरण, आर्थिक दंड या निष्कासन महाविद्यालय की ओर से किया जा सकता है। अशिष्ट व्यवहार में संलिप्त विद्यार्थी की छात्रवृत्ति भी रोकी जा सकती है।
- महाविद्यालय या कक्षा में अनुपस्थिति पर आर्थिक दंड देना होगा। यदि उपस्थिति प्रतिशत 75% से कम रहा तो परीक्षा के लिए आवेदन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- महाविद्यालय का कोई भी छात्र या छात्रा किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेगा/लेगी।
- अध्ययनरत विद्यार्थियों को परिचय पत्र महाविद्यालय कार्यालय से प्राप्त करना होगा तथा प्रत्येक छात्र का महाविद्यालय में आना परिचय पत्र के साथ ही होना चाहिए।
- परिचय पत्र खो जाने पर 50/- रुपये शुल्क देकर ही नया प्राप्त किया जा सकता है।
- महाविद्यालय में छात्र प्रताड़ना (Ragging) की अनुमति नहीं है। छात्र प्रताड़ना एक अपराध है, यह हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा घोषित है। दोषी पाए जाने पर महाविद्यालय द्वारा विधिसम्मत दंड दिया जाएगा।
- हमारे महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता में सभी छात्रों का सहयोग अपेक्षित है।
पुस्तकालय के नियम
महाविद्यालय में समृद्ध पुस्तकालय है। इसमें संस्कृत का विशाल वैदिक और लौकिक वाङ्मय तो उपलब्ध है ही, छात्रों की सहायता के लिए अन्य पुस्तकें भी हैं। इस पुस्तकालय में सर्वविध दुर्लभ साहित्य सुलभ है। संस्कृत भाषा में निबद्ध विविध ग्रंथ यहाँ उपलब्ध हैं जिनका उपयोग शोधकर्ता करते हैं।
- विद्यार्थी पुस्तकालय से 15 दिनों के लिए पुस्तक ले सकते हैं। यदि छात्र 30 दिनों के बाद भी पुस्तक वापस नहीं करता तो प्रतिदिन एक रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
- विद्यार्थी एक बार में केवल दो पुस्तकें ही ले सकता है। योग्य निर्धन छात्र को प्राचार्य महोदय की अनुमति से दो से अधिक पुस्तकें भी 30 दिनों से अधिक समय के लिए दी जा सकती हैं।
- संदर्भ पुस्तकें तथा दुर्लभ पुस्तकें नहीं दी जातीं। ये पुस्तकालय में ही पढ़नी होती हैं।
- पुस्तक खो जाने, फटने या नष्ट होने पर विद्यार्थी को समान पुस्तक खरीदकर पुस्तकालय में देनी होगी अथवा उसका मूल्य पुस्तकालयाध्यक्ष को चुकाना होगा।
- पुस्तकालय नियमों के उल्लंघन पर विद्यार्थी को दंड देने का अधिकार प्राचार्य को है।
