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विषय चयन एवं पाठ्यक्रम
प्राक्शास्त्री प्रथम वर्ष
अनिवार्य विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
प्रथम पत्र |
व्याकरण |
लघुसिद्धांतकौमुदी (पूर्वार्ध) |
| 2 |
द्वितीय पत्र |
काव्य-नाटक |
रघुवंश के प्रथम-द्वितीय सर्ग, स्वप्नवासवदत्तम्, वृत्तरत्नाकर |
| 3 |
तृतीय पत्र |
निबंध-अनुवाद तथा गद्य-पद्य |
अनुवादचंद्रिका, हितोपदेश, अमरकोष |
| 4 |
चतुर्थ पत्र |
दर्शन |
तर्कसंग्रह, ईशावास्योपनिषद्, श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 1-2) |
ऐच्छिक विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित पुस्तक |
| 1 |
पंचम पत्र |
अंग्रेजी |
हिमाचल प्रदेश शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा +1 कक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम |
| 2 |
षष्ठ पत्र |
हिंदी / राजनीति शास्त्र / इतिहास में से कोई एक |
हिमाचल प्रदेश शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा +1 कक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम |
प्राक्शास्त्री द्वितीय वर्ष
अनिवार्य विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित पुस्तक |
| 1 |
प्रथम पत्र |
व्याकरण |
लघुसिद्धांतकौमुदी (उत्तरार्ध) |
| 2 |
द्वितीय पत्र |
काव्य-नाटक |
कुमारसंभव 1-2 सर्ग, भारतविजय नाटक, काव्यदीपिका |
| 3 |
तृतीय पत्र |
निबंध-अनुवाद तथा गद्य-पद्य |
अनुवादचंद्रिका, हितोपदेश, संस्कृत गद्य मंदाकिनी |
| 4 |
चतुर्थ पत्र |
दर्शन |
कठोपनिषद्, श्रीमद्भगवद्गीता सर्ग 3, 11, 12, 14, संस्कृत साहित्य परिचय |
ऐच्छिक विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित पुस्तक |
| 1 |
पंचम पत्र |
अंग्रेजी |
हिमाचल प्रदेश शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा +2 कक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम |
| 2 |
षष्ठ पत्र |
हिंदी / राजनीति शास्त्र / इतिहास में से कोई एक |
हिमाचल प्रदेश शिक्षा परिषद (बोर्ड) द्वारा +2 कक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम |
शास्त्री प्रथम वर्ष
अनिवार्य विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-A-I (Major/core-I) |
व्याकरण |
वैयाकरण सिद्धांतकौमुदी – संज्ञा, परिभाषा, संधि, षड्लिंग प्रकरण, शब्दरूप प्रकरण |
| 2 |
SHT-A-II (Major/core-II) |
व्याकरण |
वैयाकरण सिद्धांतकौमुदी – कारक, स्त्रीप्रत्यय प्रकरण, पाणिनि शिक्षा |
| 3 |
SHT-B-I (Major/core-I) |
साहित्य |
अभिज्ञानशाकुंतलम् 1-4 अंक, हिमाचल वैभव 1 निर्गम, वृत्तरत्नाकर तृतीय अध्याय |
| 4 |
SHT-B-II (Major/core-II) |
साहित्य |
शिवराजविजयम् प्रथम विराम, 1-2 निश्वास, मेघदूतम् (पूर्वमेघ), रचना अनुवाद |
ऐच्छिक विषय (तीन में से दो चुनें)
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-C-I |
दर्शन |
कणाद गौतमीयम् (सम्पूर्ण) |
| 2 |
SHT-C-II |
दर्शन |
सांख्यकारिका (सम्पूर्ण) |
| 3 |
SHT-D-I |
वेद |
ऋक्त सूक्त संग्रह, ऋग्वेद संबंधित आरण्यक-उपनिषद्-ब्राह्मण परिचय, वेदांग परिचय |
| 4 |
SHT-D-II |
वेद |
निरुक्त अध्याय 1, 2, 7, ऋग्वेद भाष्य भूमिका (वेदांग भाग मात्र) |
| 5 |
SHT-E-I |
ज्योतिष |
बृहद् अवक होडा चक्र (सम्पूर्ण), गोल परिभाषा |
| 6 |
SHT-E-II |
ज्योतिष |
ताजिक नीलकंठी |
विशिष्ट शास्त्री हेतु ऐच्छिक विषय
1. English — Anyone of DSC Courses (6 Credits) — Equivalent Examination of B.A. as H.P.U.
2. Hindi / Pol. Sci. आदि में से कोई — Anyone of DSC Courses (6 Credits) — Equivalent Examination of B.A. as H.P.U.
शास्त्री द्वितीय वर्ष
अनिवार्य विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-A-III |
व्याकरण |
वैयाकरण सिद्धांतकौमुदी – भ्वादिगण, समास प्रकरण, धातुरूप |
| 2 |
SHT-A-IV |
व्याकरण |
वैयाकरण सिद्धांतकौमुदी – अदादिगण से चुरादिगण तक, प्रक्रियाएँ (णिजंत, सन्नंत, यङंत, नामधातु, आत्मनेपद) एवं धातुरूप |
| 3 |
SHT-B-III |
साहित्य |
उत्तररामचरितम् 1–4 अंक, साहित्यदर्पण प्रथम-द्वितीय परिच्छेद, तृतीय परिच्छेद की 35-80 कारिकाएँ छोड़कर तथा षष्ठ परिच्छेद 47-312 कारिकाएँ छोड़कर |
| 4 |
SHT-B-IV |
साहित्य |
कादंबरी कथामुख में शुकनासोपदेश, किरातार्जुनीय (प्रथम सर्ग), निबंध एवं अनुवाद |
ऐच्छिक विषय (तीन में से दो चुनें)
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-C-III |
दर्शन |
योगसारसंग्रह (सम्पूर्ण), मुंडकोपनिषद् |
| 2 |
SHT-C-IV |
दर्शन |
अर्थसंग्रह (सम्पूर्ण) |
| 3 |
SHT-D-III |
वेद |
शुक्ल यजुर्वेद के 14वें, 31वें, 40वें अध्याय, यजुर्वेद संबंधित शाखा, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद परिचय |
| 4 |
SHT-D-IV |
वेद |
स्वर प्रक्रिया प्रकाश (1 से 4 प्रकाश तक), यज्ञवल्क्य शिक्षा |
| 5 |
SHT-E-III |
ज्योतिष |
जातकालंकार (सम्पूर्ण) |
| 6 |
SHT-E-IV |
ज्योतिष |
मुहूर्त चिंतामणि (संस्कार-विवाह प्रकरण), उडुदाय प्रदीप (सम्पूर्ण) |
शास्त्री तृतीय वर्ष
अनिवार्य विषय
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-A-V |
व्याकरण |
कृदंत प्रकरण (मध्य सिद्धांतकौमुदी), महाभाष्य (प्रथमाह्निक), लिंगानुशासन |
| 2 |
SHT-A-VI |
व्याकरण |
तद्धित प्रकरण (मध्य सिद्धांतकौमुदी), उणादि प्रकरण (मध्य सिद्धांतकौमुदी) |
| 3 |
SHT-B-V |
साहित्य |
संस्कृत साहित्य का इतिहास, नैषधीयचरितम् (प्रथम सर्ग) |
| 4 |
SHT-B-VI |
साहित्य |
काव्यप्रकाश 1, 2, 3, 4 (शांतरस तक), 8, 9, 10 उल्लास |
ऐच्छिक विषय (तीन में से दो चुनें)
| क्र. |
पत्र |
विषय |
निर्धारित ग्रंथ |
| 1 |
SHT-C-V |
दर्शन |
वेदांतसार, माण्डूक्योपनिषद् |
| 2 |
SHT-C-VI |
दर्शन |
नास्तिक दर्शन, भारतीय दर्शन, अध्यात्म विवेचन |
| 3 |
SHT-D-V |
वेद |
अथर्ववेद का भूमिसूक्त, अथर्ववेद संहिता-ब्राह्मण-आरण्यक-उपनिषद परिचय |
| 4 |
SHT-D-VI |
वेद |
वैदिक साहित्य का इतिहास, पारस्कर गृह्यसूत्र |
| 5 |
SHT-E-V |
ज्योतिष |
बृहज्जातक (1 से 6 अध्याय), भारतीय ज्योतिष शास्त्र का इतिहास |
| 6 |
SHT-E-VI |
ज्योतिष |
सूर्यसिद्धांत (चंद्रग्रह अधिकार तक) |
नई शिक्षा नीति (NEP 2020)
महाविद्यालय में शास्त्री पाठ्यक्रम (Shastri Course) नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप प्रथम वर्ष से लागू किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम की रचना छात्रों के समग्र विकास, बहुविषयक अध्ययन और कौशल विकास को ध्यान में रखकर की गई है। इस पाठ्यक्रम में वेद, व्याकरण, साहित्य, दर्शन आदि पारंपरिक विषयों को आधुनिक विषयों के साथ समन्वित किया गया है, जिससे छात्र व्यापक ज्ञान प्राप्त कर सकें। पाठ्यक्रम की संरचना, विषय विन्यास और मूल्यांकन प्रणाली हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार निर्धारित होगी, जो उच्च शैक्षिक मानदंड सुनिश्चित करती है। इस नई पद्धति के माध्यम से छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और व्यावहारिक दृष्टिकोण अधिक विकसित होगा।